The HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus 2026 covers Group 43 recruitment for Dispenser (Ayurvedic) posts under the Haryana Staff Selection Commission. This HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus guide breaks down the exam pattern and the full subject-wise topic list, straight from the official syllabus published at hssc.gov.in, so you know exactly what to study before you open a single PDF.
HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus Exam Pattern
Group 43 recruitment follows the standard two-stage HSSC process. Stage one is the Common Eligibility Test (CET) — 100 questions, 100 marks, roughly 90–105 minutes, covering general awareness, reasoning, Hindi, English and quantitative aptitude. Clearing CET plus the socio-economic criteria stage qualifies you for the group-specific written exam, which is where the HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus below actually applies.
The HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus for the written exam splits into weighted parts:
- General awareness, reasoning, mathematics, science, history (including Haryana-related history), current affairs, literature, geography, civics, environment, culture, etc.—20% weightage
- Computer terminology, fundamentals, word software, Excel software, PowerPoint, internet, web browsing, communication, emails, downloading and uploading data on websites, etc.—10% weightage
- Subject-related syllabus — 70% weightage
HSSC notes on the official document that this weightage is tentative and may vary, so treat it as a study-time guide rather than a locked question count.
HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus 2026 (Subject-Wise)
The subject-specific block of the HSSC Dispenser (Ayurvedic) syllabus spans the following areas. Here is the complete breakdown.
आयुर्वेद परिचय एवं स्वास्थ्य शिक्षा
- आयुर्वेद परिचय, लक्षण, आयुर्वेद का प्रयोजन।
- आठांग आयुर्वेद एवं लघुत्रयी, वृहत्रयी तथा प्रत्येक विभाग के व्याधिप्रधान ग्रंथ।
- स्वास्थ्य की परिभाषा, त्रिसूत्र, शटुभाव, परिस्तम्भ, त्रिदुयस्तम्भ।
- दोष, धातु, मल, अग्नि, का सामान्य परिचय, परिभाषा, प्रकार एवं लक्षण।
- विभिन्न वैज्ञानिक शब्दों का परिचय।
- द्रव्य (स्थावर, जांगम, पाथिव) विविध औषध (वैश्वपाश्रम संरावत्रय) प्रकोप, प्रसमन, द्विविध औषधि (शोधन शमन), क्रिय आदान एवं विसर्गिकाल, हस्वादिक, देश (जांगल आनूपसाधारण) सामान्य, विशेष सेवनकाल, पंचमहाभूत, देह प्रकृति एवं मानस प्रकृतिस्वरूप एवं अभ्यंग।
- औषधि सेवनकाल, अनुपान एवं इसका महत्व।
- आयुर्वेद का पत्र–पत्रिकायें।
- स्वास्थ्य की परिभाषा एवं अवधारणा।
- स्वास्थ्य एवं आहार।
- व्याधि उत्पत्तिकर भाव।
- स्वस्थवृत्त।
- संक्रामक रोग एवं उनकी रोकथाम।
- आर्शग्रह, जल एवं स्रकच्छता का सामान्य ज्ञान।
- मातृ एवं शिशु कल्याण, प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तरकर्म, टीकाकरण, परिवार कल्याण एवं परिवार नियोजन।
- मासपेशियों एवं अस्थियों का परिचयात्मक एवं व्यावहारिक ज्ञान।
- मांसपेशियों: वेल्टीयड, बाइसेप्स एण्ड्राइसेप्स, अस्थियों की किर, टीबियाफीबुला, ह्यूमरस, रेडियोअलना।
- शिरायें: हृदय संस्थान, श्वासनतंत्र एवं शलाका येनाकंधा वेनाक्रि।
- धमनियां–रेडियल एवं कोरोनरी आर्टरी।
द्रव्यगुणविज्ञान
- द्रव्यगुण का सामान्य परिचय एवं प्रमुख ग्रंथों (निघंटुओं) का ज्ञान।
- द्रव्य, रस, गुणवीर्य, विपाक, प्रभाव का सामान्य परिचय।
- बृहत्रयी एवं आधुनिकमतानुसार द्रव्यों का वर्गीकरण।
- द्रव्यों का पाच्य वीर्यविकल्प, रसों का घडविशद, मुहिदि आदि गुणधर्म निम्नलिखित वैज्ञानिक शब्दों का ज्ञान: – दीपन, पाचन, अनुलोमन, संसन, भेदन, रेचन, वमन, स्तम्भन, छेदन, लेखन, बाजीकरण, रसायन, खरावी, विकाशी, मदकारी, प्रमाथी, अभिष्यन्दी, योगवाही।
- निम्नलिखित पारिभाषिक शब्दावली का ज्ञान: – दशमूल, पंचवल्कल, त्रिफला, त्रिकटु, त्रिजात, चतुर्जात, पंचकोल, चतुर्वीज, पंचांग, पंचपल्लव, कण्टकपंचमूल, गुणपंचमूल, कण्टकपंचमूल, गोक्षुरादिगण, जीवनीयगणग, चतुरणभृंगु, चतुरशम्भव्रुंग, चतुरशम्भवृंग, चतुरशम्भवृंग, चतुरशम्भवृंग।
- ऋतुओं के अनुसार द्रव्यों का महत्व एवं प्रतिनिधि द्रव्य।
- दशमूल, पंचवलकल, विरेचक द्रव्य, त्रिजात, चातुर्जातद्रव्य, पंचकोल, चतुर्वीज, गोरखमुण्ड, पंचकोल।
- द्रव्यों के अनुसार द्रव्यों का संग्रह, द्रव्यों का महत्व एवं प्रतिनिधि द्रव्य।
- निम्नलिखित विधि: संग्रहित द्रव्यों से औषधि द्रव्य कोनिकालकर उनका शुद्धिकरण औषधि द्रव्यों का पहचान का उपद्रवों से अलगाव की विधि।
- औषधि पौधों का संधर्न।
निम्नलिखित द्रव्यों का परिचय एवं प्रमुख ग्रंथों (निघंटुओं) का ज्ञान:
- कपटरोहिणी
- शातपर्णी
- प्रश्निपर्णी
- गोक्षुर
- पाटला
- बिल्व
- अग्निमन्थ
- श्योनाक
- गंभारी
- हरीतकी
- आमलकी
- शुण्ठी
- मरिच
- पिप्पली
- चित्रक
- पिप्पलीमूल
- वट
- अश्वत्थ
- पारसपीपल
- उदुम्बर
- शिरीष
- प्लक्ष
- नीम
- तुलसी
- कुमारी
- शतावरी
- अपामार्ग
- नागरमोथ
- अर्जुन
- शंखपुष्पी
- शतपुष्पा
- आरग्वध
- एरण्ड
- चुड़ी
- अर्क
- प्रस्निपर्णी
- निर्गुण्डी
- भूमिआंवला
- सिन्दुवार
- नागरमोथा
- दूर्वा
- गुडूची
- गूलर
- कुटज
- गूलर
- मूल्क
- पुनर्नवा
- अजमोदा
- अतिविषा
- अश्वगंधा
- अश्लिका
- पर्टक
- पलाश
- पाठा
- प्रियाल
- वच
- बदर
- मेथिका
- मूलक
- मदनफल
- कम्पिलक
- वत्सनाम
- विडंग
- हरिद्रा
- वंचूल
- शाल्मली
- सर्पगंधा
- शैफालिका
- शोभांजन
- सर्पगंधा
- शैफालिका
- शिंशपा
- कणिष्ठ
- लज्जालु
- काकमाची
- मशुली
- नारिकेल
- मंजिष्ठा
- मंजुर्यष्टी
- गंगा
- ब्राह्मी
- मण्डूकपर्णी
- पुष्करमूल
- एला
- पारसीक यवानी
- स्वदंस्तर
- कटुकी
- गोरखमुण्डी
- अहिफेन
- पाषाणभेद
- बाकुची
- वासा
- विदारी
- भल्लातक
- अशोक
- चंदन
- लवंग
- स्वर्णक्षीरी
- जटामासी
- त्वक्
- दालचीनी सप्तपर्ण
- द्राक्षा
- धाय
- धतूर
- कुष्ठाण्ड
- अलाबू
- शिम्बी
- वार्ताकु
- शूरण
- किराततिक्त
- शतपुष्पा
- इन्द्रयव
- ज्योतिष्मती
- काकाज्ज्रंगी
- स्रोन
- देवदारू
- राक्षहरिद्रा
- गुग्गुलु
- जातिफल
- करवीर
- कपीकच्छु
- दुग्धिका
- भृंगमालकी
- कुष्ठीलू
- गुंजा
- विजयसार
रसशास्त्र
- कल्क की परिमाण, निर्माणविधि, सामान्य सेवन मात्रा, प्रक्षेप एवं कल्क योगों के कुछ उदाहरण।
- स्वाथ्य की परिभाषा, निर्माणविधि, साधारण सेवन मात्रा, यवागू, कुतांतुर, औषध सिद्ध यूष, भक्त, कृशरा, मन्थ पानक, रागषाण्ड खण्ड, प्रषाध्य, हिम योगों के कुछ उदाहरण एवं क्वाथ योगों के कुछ प्रयोग।
- हिम की परिमाण, निर्माणविधि, सामान्य सेवन मात्रा, हिम योगों के तप्तलोलक एवं उदाहरण।
- फांट परिभाषा, निर्माण विधि, सामान्य सेवन मात्रा, प्रक्षेपद्रव्य, और क्वैथ योगों के कुछ उदाहरण।
- विभिन्न स्वास्थ्य कल्पनाएं – मध्य, पेया, विलेपी, यूष, कुतांतुर, औषध सिद्ध यूष, प्रषेपद्रव्य, मन्थ पानक, रागषाण्ड खण्ड, घनसत्व पानक, रागाढुंद, कुताण्युध सिद्धि परीक्षा, प्रक्षेप एवं निर्माण।
- अवलेहकल्पना – परिचय, वटक, गुड शर्करा, पाकपरीक्षा, प्रक्षेपद्रव्य, और इसके कुछ योग।
- खण्डपाक – परिचय एवं निर्माणविधि।
- धारकल्पना–परिचय एवं निर्माणविधि, कुछ योग, आसुतीचूर्ण।
- संधानकल्पना – परिचय, आसव, अर्हीष्ट, निर्माणविधि एवं सिद्धि परीक्षा, प्रषेप एवं निर्माणविधि तथा परिचय।
- अंजन – त्रिफण, रसाजन, दूर्णाजन एवं इनका महत्व।
- स्नेहकल्पना का परिचय, रसाजन, सेहनूच्छण, सेहपाकीकरण प्रकार, प्रयोजन एवं परीक्षा।
- तैल–तेलिवधि।
- शर्करा–लवण की परिमाण के अर्क के कुछ उदाहरण।
- अक्कलल्पना–परिचय, निर्माणविधि, कुछ योग, भास्तसून निर्माण।
- लवणकल्पना–परिचय, निर्माणविधि एवं कुछ योग।
- मसीकल्पना–परिचय, निर्माणविधि।
- लेप, उपनाह लेप, निर्माण विधि एवं प्रत्येक कल्पना एवं प्रयोग।
- सेकाकल्पना–एवं भास्रसून निर्माण।
- शोघकर्म खाद्य संग्रह, रखरखाव, तिथर्खाद, तिलपान एवं मिश्रणालय का ज्ञान।
- भारतवर्ष के प्रमुख औषधि संघ, वितरण, स्तरावरण का ज्ञान व्यवस्थापक में प्रयुक्त संकेतों।
- औषधि एवं आधुनिकमतानुसार औषधियों का ज्ञान व्यवस्थापक विवरण।
- एकले औषधि एवीमिश्रण औषधियों का ज्ञान एवं उनके भेद।
भैषज्यकल्पना, भैषज्य वितरण, भैषज्य शालाप्रबंधन
- भैषज्य कल्पना का परिचय, स्वरूप, प्रभेद।
- कल्पना–संस्कार पंचक, रसाधुतक, अंजन, अंचान, स्थालक्षा, तैशवार, लाक्षारस, ओमनाधोतापाक, संस्थिति।
- मान का महत्व, विभिन्न मानों एवं दैनयुक्त की निर्जीवायुक्त पद्धति में शुद्धि हेतु ओर आर्द्र द्रव्यभाव सरस निर्माणविधि सामान्य सेवन मात्रा,द्रव्य,प्रयोग,पुटपाकविधि एवं औषध निर्माणविधि सामान्य मैषज्यकल्पना,मेषज्य शालाप्रबंधन।
1. भेषज्य कल्पना का परिचय, स्वरूप, और भैषज में महत्व।
2. कल्पना–संस्कार भेषज
बहुपाद्य में मेषज, अनुपात एवं क्वथुक की उचित सेवन, अनुपात एवं वस्थ्थ की अवस्था में अर्थशर्करा, तेशचित।
3. मान का महत्व
विभिन्न मानों एवं दैन्युक्त, फारसीक्रस साधारण एवं क्वाथ योगों में शुद्धि, हिम योगों के द्रव्य प्रयोग विधि, मात्रा एवं औषध निर्माण विधि सामान्य सेवन मात्रा, द्रव्य प्रयोग, पुटपाक विधि एवं इनका परिचय।
- विभिन्नस्वास्थ्य कल्पनाएं–मध्य,पेया,तिलेपी,यवाग,ऊष,कुतांतुर,औषध सिद्ध यूष,प्रषेदय,प्रषोपद्रव्य,ओषधीय सिद्ध यूष,साधनकल्पना–मध्य,आसव,आरिष्ट,निर्माणविधि,प्रषोग एवं सिद्धि परीक्षा।
- खण्डपाक–परिचय एवं निर्माणविधि, कुछ योग, भास्रसून निर्माणविधि, प्रषोग एवं कुछ योगाकांजी में।
फॉर्मेसी में प्रयुक्त आधुनिक मशीनों का ज्ञान
- फॉर्मेसी में प्रयुक्त आधुनिक मशीनों का ज्ञान।
- चूर्ण परिवेष का मोदक एवं इनकी निर्माण एवं इनकी परिमाण।
- वटिका, हविक्रिया, वटक की परिमाण की निर्माण एवं इनकी परिमाण।
- गुग्गुकल्प – परिचय, निर्माणविधि, इसके कुछ योग।
- वतिकनवतीयों का परिचय एवं इनकी निर्माण।
- अवलेहकल्पना – परिचय, गुड शर्करा, पाकपरीक्षा, प्रषेदद्रव्य, गुड शर्करा, पाकपरीक्षा, धनसत्व एवं इसके कुछ योग।
- खण्डपाक – परिचय एवं निर्माणविधि।
- धारकल्पना एवं निर्माणविधि।
- साधनकल्पना–संधानकल्पना, आसव, आरिष्ट, निर्माणविधि, सिद्धि परीक्षा, प्रषेप एवं निर्माण।
- अंजन – त्रिफण, रसाजन, दूर्णाजन एवं इनका महत्व।
- शर्करा–लवण की कर्तवियों का परिचायक का कुछ प्रयोग।
- अकल्पना–परिचय, निर्माणविधि, प्रत्येक उदाहरण एवं प्रत्येक कल्पना।
- लवणकल्पना – परिचय, निर्माणविधि एवं कुछ प्रयोग।
- मसीकल्पना–निर्माणविधि एवं कुछ योग।
- लेप, उपनाह लेप का प्रत्येक कल्पना एवं प्रत्येक प्रयोग।
- औषधि संसाधक खाद्य संग्रह, रखरखाव, तिथर्खाद के कुछ उदाहरण।
- भारतवर्ष के प्रमुख औषधि संघ, वितरण, तिथिखाद का ज्ञान व्यवस्थापक में।
- आधुनिकमतानुसार औषधियों का ज्ञान।
- औषधि एवीमिश्रणौषधियों का सामान्य संकेत।
- भारतवर्ष के प्रमुख औषधि संघ, वितरण, तिथिखाद, और आवश्यक संकेतों।
- वितरण की विधि।
- व्यवसायनक का ज्ञान एवं आदर्श फार्मेसिस्ट द्वारा वितरण इकाई का रख रखाव।
- गोदाम का निर्जीवापुकरण साधारण एवं दंतयुक्त की तकनीकी ज्ञान।
- ग्राही, बेन्डेज, आइड, फारसरेस्प्स साधारण एवं दंतयुक्त का निर्जीवापुकरण एवं यंत्रों का बहिरंग का ज्ञान।
- व्यवसायिक गणित, मूल्य निर्धारण, एकाउंटेंसी एवं लेखा परीक्षण।
- आदर्शशाला प्रबंध एवं संहिष्ठ का सक्षिप्त ज्ञान।
- रसशाला की कार्यविधि दव्यों का संग्रह संरक्षण एवं विक्रिय वर्किकरण की प्रक्रिया का ज्ञान।
- औषधि अनुज्ञप्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया का ज्ञान।
How to Prepare for the HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus Exam
Start with the subject-specific block of the HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus first — it carries the heaviest weightage and is where real differentiation between candidates happens, since general awareness and computer knowledge sections overlap with every other HSSC group. Work through each topic area systematically, and revisit the subject list above every week so nothing slips through before exam day.
Don’t skip the common portion either. Haryana-specific general awareness and basic computer knowledge are easy marks that candidates often under-prepare because they’re focused on the technical syllabus.
Frequently Asked Questions: HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus
What is the HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus for Group 43?
The HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus covers the weighted sections listed above, compiled directly from the official document published by the Haryana Staff Selection Commission.
Is the HSSC Dispenser (Ayurvedic) syllabus the same every year?
HSSC updates its syllabus documents periodically, and the weightage listed against each section is explicitly marked tentative by HSSC. Always check hssc.gov.in/examsyllabus for the latest version before you finalise your preparation.
Do I need to clear CET before attempting this exam?
Yes. HSSC recruitment follows the standard two-stage process: you first clear the Common Eligibility Test (CET), then sit for the group-specific written exam that follows the HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus covered in this guide.
Official Notification and Source
This HSSC Dispenser (Ayurvedic) Syllabus is compiled directly from the official Group 43 – Dispenser (Ayurvedic) Syllabus published by the Haryana Staff Selection Commission. Always cross-check the latest version and any amendments against the official document before you finalise your preparation.
Download the official syllabus PDF and check current recruitment notices at hssc.gov.in/examsyllabus.
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