हरियाणा 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत पंजाब से अलग होकर भारत का सत्रहवां राज्य बना। यह दिल्ली को तीन ओर से घेरता है, अपनी राजधानी चंडीगढ़ पंजाब के साथ साझा करता है, और मात्र 44,212 वर्ग किलोमीटर में देश के सबसे अधिक पूछे जाने वाले परीक्षा-पाठ्यक्रमों में से एक समेटे हुए है। HSSC, HTET या किसी भी हरियाणा सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो नीचे दिया गया भूगोल, इतिहास, हड़प्पा सभ्यता के प्रमाण, जनसंख्या और तुलनात्मक आंकड़े हर साल पेपर में किसी न किसी रूप में जरूर आते हैं।
एक नज़र में हरियाणा
| स्थापना | 1 नवंबर 1966 (पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966); पहले मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा |
| राजधानी | चंडीगढ़ (पंजाब के साथ साझा, केंद्र शासित प्रदेश) |
| क्षेत्रफल | 44,212 वर्ग किमी — भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 1.4% |
| जिले | 2016 से 22 (चरखी दादरी); 23वां जिला हांसी दिसंबर 2025 में घोषित |
| जनसंख्या | 2,53,51,462 (जनगणना 2011); 2026 के लिए अनुमानित लगभग 3.14 करोड़ |
| लिंगानुपात | 879 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष (जनगणना 2011) |
| लोकसभा / राज्यसभा / विधानसभा सीटें | 10 / 5 / 90 |
| राजकीय पक्षी / पशु / वृक्ष / पुष्प | काला तीतर / कृष्णमृग (ब्लैकबक) / पीपल / कमल |
हरियाणा का भूगोल विस्तार से
हरियाणा के उत्तर में पंजाब और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम व दक्षिण में राजस्थान, और पूर्व में यमुना नदी के पार उत्तर प्रदेश स्थित है। राज्य की पूरी पूर्वी सीमा यमुना नदी बनाती है। ऊंचाई राज्य में लगभग 700 से 3,600 फीट के बीच बदलती रहती है — उत्तर और उत्तर-पूर्व में शिवालिक की तलहटी, दक्षिण में महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और गुरुग्राम के पास अरावली पर्वतमाला की शाखाएं, और बीच का बाकी पूरा हिस्सा यमुना-घग्गर का जलोढ़ मैदान है — समतल, उपजाऊ, और यही कारण है कि हरियाणा इतनी अधिक गेहूं-चावल की खेती कर पाता है। जलवायु अर्ध-शुष्क से शुष्क है, औसत वार्षिक वर्षा करीब 360 मिमी, ज्यादातर जुलाई से सितंबर के मानसून महीनों में।
प्रशासनिक रूप से राज्य में 6 मंडल, 22 जिले (जल्द 23), 72 उप-मंडल और 93 तहसीलें हैं। जिलों के नाम वर्णानुक्रम में: अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर। हिसार से अलग करके बनाया गया हांसी दिसंबर 2025 में 23वें जिले के रूप में घोषित हुआ — अगर आपका पाठ्यक्रम उससे पहले छपा है तो उसमें अभी भी 22 जिले ही लिखे मिलेंगे।
हरियाणा की नदियां: उद्गम और प्रवाह
हरियाणा से होकर बहने वाली अधिकांश नदियां या तो शिवालिक पहाड़ियों से निकलती हैं (राज्य के उत्तरी हिस्से में) या अरावली पहाड़ियों से (दक्षिणी हिस्से में), और इनमें से ज्यादातर बारहमासी नहीं बल्कि मौसमी हैं।
| नदी | उद्गम | प्रवाह मार्ग (जिले) | समापन / संगम |
|---|---|---|---|
| यमुना | बंदरपूंछ हिमानी, उत्तराखंड | यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद (पूर्वी सीमा बनाती है) | आगे दिल्ली और उत्तर प्रदेश में प्रवेश; हथिनीकुंड (ताजेवाला) बैराज से पश्चिमी यमुना नहर निकलती है |
| घग्गर | शिवालिक पहाड़ियां, सोलन, हिमाचल प्रदेश | पंचकूला, अंबाला, फतेहाबाद, सिरसा | राजस्थान के रेगिस्तान में विलीन हो जाती है; अब अधिकांशतः मौसमी और प्रदूषित |
| मारकंडा | शिवालिक पहाड़ियां, हरियाणा–हिमाचल सीमा | अंबाला, कुरुक्षेत्र (शाहाबाद मारकंडा) | कैथल जिले के चीका के पास घग्गर से मिलती है |
| टांगरी | शिवालिक पहाड़ियां, अंबाला | अंबाला | घग्गर में मिलती है; मानसून में बाढ़ के लिए जानी जाती है |
| कौशल्या | शिवालिक पहाड़ियां, हरियाणा–हिमाचल सीमा | पंचकूला | पिंजौर के पास घग्गर से मिलती है; कौशल्या बांध इसी पर बना है |
| सरस्वती (सरसुती) | शिवालिक पहाड़ियां, हरियाणा–हिमाचल सीमा | कुरुक्षेत्र क्षेत्र से पारंपरिक रूप से जुड़ी | अधिकांशतः लुप्त; सोम नदी के मार्ग से यमुना तक पहुंचने की मान्यता; सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड इसके पुनरुद्धार पर काम कर रहा है |
| चौतांग | शिवालिक पहाड़ियां, हरियाणा–हिमाचल सीमा | यमुनानगर | सरस्वती की सहायक नदी मानी जाती है; अब मुख्यतः बरसाती नाला |
| साहिबी (साबी) | अरावली पहाड़ियां, सीकर, राजस्थान | रेवाड़ी, झज्जर (गुरुग्राम क्षेत्र से होकर) | ऐतिहासिक रूप से यमुना से मिलती थी; आज नजफगढ़ नाले के रूप में दिल्ली के पास यमुना से मिलती है |
| दोहन | अरावली पहाड़ियां, अलवर, राजस्थान | रेवाड़ी से प्रवेश, महेंद्रगढ़ में समाप्त | गैर-बारहमासी, केवल बरसात में बहती है |
| कृष्णावती | अरावली पहाड़ियां, सीकर, राजस्थान | रेवाड़ी से प्रवेश, महेंद्रगढ़/नारनौल में समाप्त | गैर-बारहमासी; दक्षिणी हरियाणा में भूजल पुनर्भरण के लिए महत्वपूर्ण |
सिंचाई के लिए पश्चिमी यमुना नहर (हथिनीकुंड बैराज से निकलती है) करनाल-पानीपत-सोनीपत पट्टी को पानी देती है, जबकि सिरसा और फतेहाबाद जैसे पश्चिमी जिलों को पंजाब होते हुए भाखड़ा नहर तंत्र से पानी मिलता है। गुरुग्राम का सुल्तानपुर नेशनल पार्क और झज्जर का भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य (राज्य की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि) भी इन्हीं पुरानी नदी-तंत्रों से जुड़े हैं।
हड़प्पा सभ्यता के प्रमाण: कहां-कहां मिले साक्ष्य
घग्गर-सरस्वती नदी तंत्र के किनारे बसे होने के कारण हरियाणा हड़प्पा (सिंधु घाटी) सभ्यता के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से कई का घर है। राखीगढ़ी को तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा ज्ञात हड़प्पाकालीन स्थल तक बताता है, हालांकि यह दावा विवाद से परे नहीं है क्योंकि इसमें कई बिखरे टीले शामिल किए गए हैं।
| स्थल | जिला | प्रमुख साक्ष्य | कालखंड / महत्व |
|---|---|---|---|
| राखीगढ़ी | हिसार (दिसंबर 2025 से हांसी जिले में) | पक्की सड़कें व जल निकासी व्यवस्था, सात-कक्षीय अन्नागार, 53 से अधिक कंकालों वाला कब्रिस्तान, कांसे-सोने के आभूषण, मुहरें, मानकीकृत बाट | प्राक्-हड़प्पा (4600–3300 ईसा पूर्व) से परिपक्व हड़प्पा काल (2600–1900 ईसा पूर्व); 2019 के डीएनए अध्ययन में जांचे गए कंकाल में मध्य-एशियाई वंशागति नहीं मिली |
| बनावली | फतेहाबाद | 105 मीटर से अधिक लंबी सुरक्षा-दीवार, रेडियल नगर-योजना, अग्नि-वेदिकाएं | कालीबंगा-सदृश प्राक्-हड़प्पा चरण से परवर्ती हड़प्पा काल तक; लुप्त सरस्वती (घग्गर) नदी के किनारे बसा |
| भिरड़ाना | फतेहाबाद | गलाई हुई तांबे की वस्तुएं, चित्रित तीलियों वाले मिट्टी के पहिए, “नृत्यांगना” आकृति वाले मृदभांड चित्र | हकरा मृदभांड संस्कृति से परिपक्व हड़प्पा काल तक; कुछ शुरुआती नमूनों की कार्बन-डेटिंग 8वीं–7वीं सहस्राब्दी ईसा पूर्व तक जाती है, पर यह दावा विद्वानों में विवादित है |
| कुणाल | फतेहाबाद (रतिया तहसील) | बटन मुहर, चांदी के मुकुट व सोने के आभूषण, 12,000 से अधिक अर्ध-कीमती मनके, तांबा गलाने की भट्टियां | प्राक्-हड़प्पा काल; कुछ अनुमानों में 5000 ईसा पूर्व जितना पुराना |
| मीताथल | भिवानी | तांबे की वस्तुएं, सिंधु शैली के मृदभांड, फयन्स की चूड़ियां | प्रारंभिक हड़प्पाकालीन बस्ती |
| फरमाना | रोहतक | 65 कब्रों वाला कब्रिस्तान | भारत में मिला अब तक का सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन कब्रिस्तान स्थल |
| बालू | कैथल | लहसुन की खेती के प्राचीनतम साक्ष्य सहित फसल-अवशेष | पुरा-वनस्पति (archaeobotanical) साक्ष्य के लिए उल्लेखनीय |
| जोगनाखेड़ा | कुरुक्षेत्र | तांबा गलाने की भट्टियां और धातुमल | धातुकर्म/औद्योगिक स्थल |
| सिसवाल | हिसार | विशिष्ट मृदभांड शैली | “सोथी-सिसवाल संस्कृति” (प्राक्-हड़प्पा चरण) का नामकरण-स्थल |
| टिगरांना | भिवानी | फसल की खेती व पशुपालन के प्रमाण | कृषि-निर्वाह से जुड़ा साक्ष्य स्थल |
ध्यान रहे: कालीबंगा हरियाणा में नहीं, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है — भले ही वह भी इसी घग्गर-सरस्वती नदी-तंत्र से जुड़ा है और अक्सर इन्हीं स्थलों के साथ पढ़ाया जाता है, परीक्षा में इसे हरियाणा का स्थल न लिखें।
इतिहास: महाभारत काल से 2026 तक
हड़प्पा सभ्यता के हजारों साल बाद, कुरुक्षेत्र — राज्य के उत्तरी हिस्से में — वह स्थान है जहां परंपरा महाभारत के युद्ध को स्थापित करती है। महाकाव्य साहित्य और बाद की खगोलीय गणनाओं के आधार पर इसे लगभग 1000–500 ईसा पूर्व के बीच कहीं रखा जाता है, हालांकि यह एक पारंपरिक अनुमान है, पुरातात्विक रूप से सिद्ध तिथि नहीं। इसके बाद का इतिहास बेहतर दस्तावेजीकृत है: यह क्षेत्र चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के अंत में मौर्य शासन के अधीन आया, और चौथी शताब्दी ईस्वी की शुरुआत में गुप्त साम्राज्य के अधीन — यह वह दौर था जिसने मंदिर-निर्माण और शिक्षा में सच्चा पुनरुत्थान लाया।
फिर आया पानीपत, तीन बार, और हर बार इसने तय किया कि उत्तर भारत पर कौन राज करेगा। 1526 में बाबर ने वहां इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी। 1556 में अकबर के सेनापति बैरम खान ने उसी मैदान पर हेमू को पराजित कर मुगल सत्ता अगली दो सदियों के लिए सुरक्षित कर दी। और 14 जनवरी 1761 को अहमद शाह अब्दाली की सेनाओं ने सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व वाली मराठा सेना को कुचल दिया, जिससे उत्तर भारत में मराठा विस्तार पूरी तरह रुक गया। तीन लड़ाइयां, एक ही शहर, करीब ढाई सदियों के अंतराल पर — यह वह संयोग है जो परीक्षा में पूछे जाने लायक भी है और वाकई दिलचस्प भी।
1857 के विद्रोह में हरियाणा की भूमिका को मेरठ जितना महत्व नहीं मिलता, लेकिन इतिहासकार के.सी. यादव के अनुसार इस क्षेत्र में विद्रोह की शुरुआत 13 मई 1857 को अंबाला छावनी से हुई — उनके अनुसार यह मेरठ से एक दिन पहले की बात है। यह तेजी से फैला: गुड़गांव, रोहतक, हिसार, करनाल, और झज्जर, बल्लभगढ़, फर्रुखनगर, पटौदी, बहादुरगढ़, दुजाना व लोहारू जैसी रियासतें भी इसमें शामिल हो गईं। अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह को 9 जनवरी 1858 को, और झज्जर के नवाब अब्दुर रहमान व फर्रुखनगर के नवाब अहमद अली खान को 23 जनवरी 1858 को दिल्ली के चांदनी चौक पर फांसी दे दी।
राज्य का दर्जा एक सदी से भी अधिक बाद मिला। संसद ने 18 सितंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम पारित किया, जिसने पंजाबी सूबा आंदोलन के कई वर्षों बाद पंजाब को भाषाई आधार पर विभाजित किया; हरियाणा 1 नवंबर 1966 को अस्तित्व में आया, भगवत दयाल शर्मा इसके पहले मुख्यमंत्री बने। तब से राज्य में एक-एक करके जिले जुड़ते गए — 2016 में चरखी दादरी 22वां जिला बना, और हांसी 23वां बनने जा रहा है। राजनीतिक रूप से भाजपा अब लगातार तीन हरियाणा विधानसभा चुनाव जीत चुकी है; अक्टूबर 2024 के नतीजों में उसे 90 में से 48 सीटें मिलीं, कांग्रेस को 37, और मार्च 2024 में मनोहर लाल खट्टर से मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नायब सिंह सैनी दूसरी बार शपथ लेने में सफल रहे।
जनसंख्या और जनांकिकी
2011 की जनगणना में हरियाणा की जनसंख्या 2,53,51,462 दर्ज हुई थी — 1,34,94,734 पुरुष, 1,18,56,728 महिलाएं — यानी उस समय भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 2.1%। तब से कोई जनगणना नहीं हुई, इसलिए 2026 के लिए काम-चलाऊ आंकड़ा रजिस्ट्रार जनरल के जनसंख्या प्रक्षेपण तकनीकी समूह से आता है, जो हरियाणा को साल के मध्य तक लगभग 3.14 करोड़ पर रखता है: 1.66 करोड़ पुरुष, 1.48 करोड़ महिलाएं। इससे भारत की जनसंख्या में हरियाणा की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 2.20% हो जाएगी, जो 1901 के बाद सबसे अधिक होगी। इसे अनुमान मानें, गणना नहीं — वास्तविक 2021 जनगणना अभी तक हुई ही नहीं है।
साक्षरता दर 2011 में 75.55% थी (पुरुष 84.06%, महिला 65.94%), जो राष्ट्रीय 74.04% से थोड़ी अधिक है। राज्य का करीब दो-तिहाई हिस्सा आज भी ग्रामीण है: 2011 का विभाजन 65.13% ग्रामीण और 34.87% शहरी था, हालांकि गुरुग्राम और फरीदाबाद के विस्तार से तब से यह संतुलन और शहरी ओर खिसका है। जनसंख्या घनत्व 2011 में 573 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था — ग्रामीण क्षेत्रों में 391, शहरी क्षेत्रों में 4,475 — जबकि राष्ट्रीय औसत 382 था।
लिंगानुपात
यही वह आंकड़ा है जिसके बारे में हरियाणा से सबसे ज्यादा सवाल पूछा जाता है, और सालों तक यह राज्य का सबसे कमजोर पक्ष रहा: 2011 की जनगणना में 879 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष, राष्ट्रीय आंकड़े 940 से काफी नीचे और केरल जैसे राज्यों से बहुत पीछे। यही कारण था कि केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना दिल्ली की बजाय 22 जनवरी 2015 को पानीपत से शुरू की — उस समय पानीपत, झज्जर और महेंद्रगढ़ जिलों में बाल लिंगानुपात देश में सबसे कम, कुछ जगह 800 के आसपास ही था।
तब से रुझान सही दिशा में गया है। NFHS-5 (2019–21) में हरियाणा का जन्म-लिंगानुपात 893 दर्ज हुआ, जो पिछले दौर (NFHS-4, 2015–16) के 836 से बेहतर है। इसके बाद के वर्षों में राज्य सरकार के आंकड़े इससे भी ऊंचे बताए गए हैं, लेकिन वे अभी किसी पूर्ण जनगणना या NFHS दौर से प्रमाणित नहीं हैं, इसलिए परीक्षा के लिहाज से NFHS-5 का 893 ही सबसे भरोसेमंद आंकड़ा बना रहता है। सुधार हो रहा है, पर राष्ट्रीय औसत से अभी भी पीछे — यही सच्चा और संतुलित जवाब है।
अर्थव्यवस्था: जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय
हरियाणा का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2024–25 में चालू कीमतों पर ₹12,13,951 करोड़ रहा, पिछले वर्ष की तुलना में 11.8% की नाममात्र वृद्धि, या स्थिर (2011–12) कीमतों पर ₹6,77,033 करोड़, यानी 7.6% की वास्तविक वृद्धि — जो हरियाणा आर्थिक सर्वेक्षण 2024–25 के अनुसार उसी वर्ष भारत की 6.8% GDP वृद्धि दर से आगे है। प्रति व्यक्ति आय चालू कीमतों पर ₹3,58,171 तक पहुंच गई, जो एक दशक पहले 2014–15 के ₹1,47,382 से काफी अधिक है, और इससे हरियाणा भारतीय राज्यों में 7वें स्थान पर आता है, राष्ट्रीय औसत के लगभग 177% पर।
इसमें सबसे बड़ा योगदान तीन क्षेत्रों का है: गुरुग्राम, जहां देश में मुंबई के बाहर शायद सबसे ज्यादा फॉर्च्यून 500 कंपनियों के दफ्तर हैं और जो खुद में एक असली आईटी-वित्त केंद्र बन चुका है; गुरुग्राम-मानेसर-बावल ऑटो गलियारा, जहां मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, एस्कॉर्ट्स और टाटा मोटर्स मिलकर भारत की करीब दो-तिहाई यात्री कारें, आधे ट्रैक्टर और 60% मोटरसाइकिलें बनाते हैं; और पानीपत, जिसने इतने लंबे समय तक निर्यात के लिए वस्त्र बनाए हैं कि उसे “बुनकरों का शहर” कहा जाने लगा। इन सबके नीचे अब भी खेती टिकी है — यमुना-घग्गर के मैदानों पर गेहूं, चावल और गन्ना, और उसी आधार पर बना कृषि-प्रसंस्करण उद्योग।
कृषि एवं बागवानी: कौन-सा जिला किस फसल में आगे
हरियाणा की लगभग हर प्रमुख फसल का एक स्पष्ट “गढ़” है — कुछ जिले किसी खास फसल में बाकी राज्य से आगे निकल जाते हैं।
| फसल | अग्रणी जिला / जिले | टिप्पणी |
|---|---|---|
| कपास | सिरसा, फतेहाबाद, हिसार | दक्षिण-पश्चिमी कपास पट्टी |
| गन्ना | करनाल, पानीपत, सोनीपत | 2024–25 में उत्पादन 72.03 से बढ़कर 95.16 लाख टन हुआ |
| बाजरा | महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी | अरावली का अर्ध-शुष्क क्षेत्र |
| सरसों / तिलहन | रेवाड़ी, भिवानी, महेंद्रगढ़ | दक्षिणी हरियाणा की वही पट्टी |
| बासमती चावल | पूरा राज्य GI-अधिसूचित बासमती क्षेत्र में शामिल | 2016 की बासमती भौगोलिक संकेतक (GI) अधिसूचना में शामिल पांच राज्यों/क्षेत्रों में से एक |
| किन्नू / खट्टे फल | सिरसा, फतेहाबाद | सिरसा राज्य का सबसे बड़ा फल-उत्पादक जिला; मंगियाना में खट्टे फल व अनार के लिए उत्कृष्टता केंद्र |
| अमरूद | सोनीपत, फतेहाबाद | — |
| सब्जियां (सामान्यतः) | करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम, अंबाला, यमुनानगर | करनाल में सब्जियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र |
| आलू | करनाल | शामगढ़ में आलू प्रौद्योगिकी केंद्र |
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन
हरियाणा देश के सबसे बड़े दुग्ध-उत्पादक राज्यों में तीसरे स्थान पर है और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में देश में सबसे आगे है। करनाल को अक्सर “मिल्क सिटी” कहा जाता है, लेकिन यह उपाधि वहां के कच्चे दूध उत्पादन की मात्रा से नहीं बल्कि वहां स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) — 1955 में स्थापित, 1989 से मानित विश्वविद्यालय — के कारण मिली है, जो देश का सबसे प्रमुख डेयरी अनुसंधान संस्थान है।
पशुधन के मामले में राज्य में एक स्पष्ट बदलाव देखा जा रहा है: 20वीं पशुधन गणना (2019) के अनुसार भैंसों की संख्या 2012 के 57.64 लाख से घटकर 43.76 लाख रह गई, सबसे तेज गिरावट भिवानी, जींद और हिसार जिलों में दर्ज हुई। इसके उलट हिसार में कुल पशुधन पांच वर्षों में करीब 18% बढ़ा है, जिसमें गोवंश की वृद्धि (~22%) भैंसों की वृद्धि (~9%) से कहीं अधिक रही — यानी डेयरी किसान अब मात्रा से ज्यादा गुणवत्ता को तरजीह दे रहे हैं। सभी 22 जिलों की सटीक रैंकिंग के लिए सरकारी आंकड़े इस समय आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए ऊपर दिए गए भरोसेमंद रुझानों तक ही सीमित रहना बेहतर है।
परिवहन
हरियाणा से होकर 34 राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, कुल राष्ट्रीय राजमार्ग लंबाई करीब 3,391 किलोमीटर (2024) है, साथ ही करीब 1,801 किमी राज्य राजमार्ग और 11 एक्सप्रेसवे (जिनमें से 3 राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे हैं)। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (670 किमी, हरियाणा से होकर गुजरता है) और हिसार-रेवाड़ी एक्सप्रेसवे (160 किमी) निर्माणाधीन हैं। रेलवे में हिसार जंक्शन प्रमुख शुरुआती स्टेशनों में से एक है। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर (करीब 136 किमी) को हरियाणा की वित्तीय भागीदारी के साथ मंजूरी मिल चुकी है, और गुरुग्राम-फरीदाबाद में दिल्ली मेट्रो का विस्तार जारी है।
हिसार के महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे ने 13 अप्रैल 2025 को वाणिज्यिक उड़ानें शुरू कीं; 2026 तक यह दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर और अयोध्या जैसे शहरों से जुड़ चुका है, और इसे 2030 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की योजना है।
उच्च शिक्षा एवं विश्वविद्यालय
हरियाणा में केंद्रीय, राज्य, मानित और निजी श्रेणियों को मिलाकर 60 से अधिक विश्वविद्यालय और उपाधि प्रदान करने वाले संस्थान हैं — इनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, रोहतक का महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, हिसार का गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, और महेंद्रगढ़ व रोहतक के केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल हैं। भारत की 2.1% आबादी वाले राज्य के लिए यह इतना घना नेटवर्क है कि अधिकांश जिलों में कम से कम एक डिग्री कॉलेज आसानी से पहुंच में है।
हरियाणा बनाम भारत: तुलनात्मक आंकड़े
राष्ट्रीय आंकड़ों के सामने रखने पर हरियाणा की तस्वीर विरोधाभासों से भरी दिखती है — आय, घनत्व और साक्षरता में भारत से आगे, लिंगानुपात में पीछे, और राजनीतिक भार में लगभग आनुपातिक।
| मापदंड | हरियाणा | भारत | स्रोत |
|---|---|---|---|
| लिंगानुपात (प्रति 1,000 पुरुष) | 879 | 940 | जनगणना 2011 |
| जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी) | 573 | 382 | जनगणना 2011 |
| साक्षरता दर | 75.55% | 74.04% | जनगणना 2011 |
| प्रति व्यक्ति आय | ₹3,58,171 · 7वां स्थान · राष्ट्रीय औसत का ~177% | राष्ट्रीय आधार-रेखा | हरियाणा आर्थिक सर्वेक्षण 2024–25 |
| लोकसभा सीटें | 10 | कुल 543 | भारत निर्वाचन आयोग |
| राज्यसभा सीटें | 5 | कुल 245 | भारत निर्वाचन आयोग |
| विश्वविद्यालय / उच्च शिक्षा संस्थान | 60 से अधिक | — | UGC / राज्य रिकॉर्ड |
राजनीति और शासन
हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं, और राज्य लोकसभा में 10 (दो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) तथा राज्यसभा में 5 सदस्य भेजता है। अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में, नतीजे 8 तारीख को घोषित हुए, भाजपा को 48 और कांग्रेस को 37 सीटें मिलीं — भाजपा के लिए लगातार तीसरा कार्यकाल, और मार्च उसी साल मनोहर लाल खट्टर से पदभार लेने वाले नायब सिंह सैनी का दूसरा कार्यकाल। मौजूदा विधानसभा में हरविंदर कल्याण अध्यक्ष और कृष्ण लाल मिड्ढा उपाध्यक्ष हैं, जबकि भूपिंदर सिंह हुड्डा विपक्ष के नेता हैं।
1966 से 2026 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री
| क्रम | नाम | कार्यकाल आरंभ | कार्यकाल समाप्ति | पार्टी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | भगवत दयाल शर्मा | 1 नवंबर 1966 | 24 मार्च 1967 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 2 | राव बीरेंद्र सिंह | 24 मार्च 1967 | 20 नवंबर 1967 | विशाल हरियाणा पार्टी |
| — | राष्ट्रपति शासन | 20 नवंबर 1967 | 21 मई 1968 | — |
| 3 | बंसी लाल (प्रथम कार्यकाल) | 21 मई 1968 | 1 दिसंबर 1975 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 4 | बनारसी दास गुप्ता (प्रथम) | 1 दिसंबर 1975 | 30 अप्रैल 1977 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| — | राष्ट्रपति शासन | 30 अप्रैल 1977 | 21 जून 1977 | — |
| 5 | देवी लाल (प्रथम) | 21 जून 1977 | 28 जून 1979 | जनता पार्टी |
| 6 | भजन लाल (प्रथम) | 28 जून 1979 | 5 जून 1986 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 3 | बंसी लाल (द्वितीय) | 5 जून 1986 | 20 जून 1987 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 5 | देवी लाल (द्वितीय) | 20 जून 1987 | 2 दिसंबर 1989 | जनता दल |
| 7 | ओम प्रकाश चौटाला (प्रथम) | 2 दिसंबर 1989 | 22 मई 1990 | जनता दल |
| 4 | बनारसी दास गुप्ता (द्वितीय) | 22 मई 1990 | 12 जुलाई 1990 | जनता दल |
| 7 | ओम प्रकाश चौटाला (द्वितीय) | 12 जुलाई 1990 | 17 जुलाई 1990 | जनता दल |
| 8 | हुकम सिंह | 17 जुलाई 1990 | 22 मार्च 1991 | जनता दल |
| 7 | ओम प्रकाश चौटाला (तृतीय) | 22 मार्च 1991 | 6 अप्रैल 1991 | समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) |
| — | राष्ट्रपति शासन | 6 अप्रैल 1991 | 23 जून 1991 | — |
| 6 | भजन लाल (द्वितीय) | 23 जून 1991 | 11 मई 1996 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 3 | बंसी लाल (तृतीय) | 11 मई 1996 | 24 जुलाई 1999 | हरियाणा विकास पार्टी |
| 7 | ओम प्रकाश चौटाला (चतुर्थ) | 24 जुलाई 1999 | 5 मार्च 2005 | इंडियन नेशनल लोकदल |
| 9 | भूपिंदर सिंह हुड्डा | 5 मार्च 2005 | 26 अक्टूबर 2014 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (लगातार दो कार्यकाल) |
| 10 | मनोहर लाल खट्टर | 26 अक्टूबर 2014 | 12 मार्च 2024 | भारतीय जनता पार्टी (लगातार दो कार्यकाल) |
| 11 | नायब सिंह सैनी | 12 मार्च 2024 | पदस्थ (2026 तक) | भारतीय जनता पार्टी |
वर्तमान मंत्रिपरिषद (दूसरी सैनी सरकार, अक्टूबर 2024 से)
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लाडवा (कुरुक्षेत्र जिला) से विधायक हैं और गृह, वित्त, विधि एवं न्याय सहित कई विभाग खुद संभालते हैं।
| नाम | मुख्य विभाग | विधानसभा क्षेत्र | जिला | दर्जा |
|---|---|---|---|---|
| अनिल विज | ऊर्जा, परिवहन, श्रम | अंबाला कैंट | अंबाला | कैबिनेट मंत्री |
| राव नरबीर सिंह | उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण एवं वन | बादशाहपुर | गुरुग्राम | कैबिनेट मंत्री |
| कृष्ण लाल पंवार | विकास एवं पंचायत, खान एवं भूविज्ञान | इसराना | पानीपत | कैबिनेट मंत्री |
| महीपाल ढांडा | स्कूल एवं उच्च शिक्षा, अभिलेखागार | पानीपत ग्रामीण | पानीपत | कैबिनेट मंत्री |
| विपुल गोयल | राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय | फरीदाबाद | फरीदाबाद | कैबिनेट मंत्री |
| अरविंद कुमार शर्मा | सहकारिता, जेल, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन | गोहाना | सोनीपत | कैबिनेट मंत्री |
| श्याम सिंह राणा | कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन | रादौर | यमुनानगर | कैबिनेट मंत्री |
| रणबीर सिंह गंगवा | लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) | बरवाला | हिसार | कैबिनेट मंत्री* |
| कृष्ण कुमार बेदी | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अजा/पिछड़ा वर्ग कल्याण | नरवाना | जींद | कैबिनेट मंत्री* |
| श्रुति चौधरी | महिला एवं बाल विकास, सिंचाई एवं जल संसाधन | तोशाम | भिवानी | कैबिनेट मंत्री* |
| आरती सिंह राव | स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष | अटेली | महेंद्रगढ़ | कैबिनेट मंत्री* |
| राजेश नागर | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, युवा कार्यक्रम | तिगांव | फरीदाबाद | राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) |
| गौरव गौतम | युवा सशक्तिकरण, खेल | पलवल | पलवल | राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) |
*रणबीर सिंह गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी, श्रुति चौधरी और आरती सिंह राव का दर्जा अलग-अलग स्रोतों में अलग बताया गया है (राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री में संभावित पदोन्नति) — नवीनतम आधिकारिक जानकारी के लिए हरियाणा सरकार की वेबसाइट देखें। यह सूची अक्टूबर 2024 में शपथ के समय की जानकारी पर आधारित है; मंत्रिमंडल फेरबदल में विभाग बदलते रहते हैं।
खेल एवं ओलंपिक विरासत
अपने आकार के हिसाब से शायद ही कोई और राज्य इतने ओलंपिक पदक विजेता भारत को देता हो। पानीपत जिले के खांद्रा गांव के नीरज चोपड़ा ने टोक्यो 2020 में भाला फेंक में स्वर्ण जीता — एथलेटिक्स में भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण — और पेरिस 2024 में रजत के साथ इसे दोहराया। भिवानी के पास कालूवास गांव के विजेंदर सिंह बीजिंग 2008 में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक पाने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने। रोहतक की साक्षी मलिक ने रियो 2016 में कुश्ती में कांस्य जीता, ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान; सोनीपत के रवि कुमार दहिया ने टोक्यो 2020 में कुश्ती रजत जीता, और झज्जर के बजरंग पूनिया ने उसी वर्ष कांस्य। झज्जर जिले की ही मनु भाकर ने पेरिस 2024 में निशानेबाजी में दो कांस्य पदक जीते — व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित टीम स्पर्धा में — और आजादी के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
रोहतक, सोनीपत और झज्जर के कुश्ती अखाड़े, और भिवानी के मुक्केबाजी क्लब, पिछले दो दशकों में असली प्रतिभा-केंद्र बन चुके हैं। भारत की करीब 2% आबादी वाले राज्य के लिए पदकों का यह जमावड़ा भारतीय खेल जगत के सबसे असाधारण तथ्यों में से एक है।
Haryana GK (HR) Questions
| Haryana GK – 2026 |
| हरियाणा का परिचय (Introduction to Haryana) |
| Exams – Conducted by Haryana Government |
| HSSC ( Haryana Staff Selection Commission) |
| HTET – (Board of School Education) – Haryana |
Quizzes (Subject Wise)
Practice free HTET-pattern MCQ quizzes, subject by subject. Pick a subject below to start.
| Subject | Quiz |
|---|---|
| Haryana GK | Haryana GK HTET Online Quiz |
| Math | Math Quiz – TGT/PGT HTET |
| Reasoning | Reasoning Quiz – HTET |
| English Grammar | English Grammar Quiz –1 |
| Hindi Grammar | Hindi Grammar Quiz – 15 Difficult Questions |
| Psychology | Psychology HTET PGT Quiz |
| Computer Science | Computer Science Practice Set |
| Child Development & Pedagogy | CDP Practice Set |
HSSC Group D – Previous Year Solved Papers
Practice HSSC Group D previous year solved question papers, shift-wise, with instant answers and explanations after every question.
| Exam Date | Shift | Solved Paper |
|---|---|---|
| 10 November 2018 | Shift 1 | Attempt Quiz |
| 10 November 2018 | Shift 2 | Attempt Quiz |
| 11 November 2018 | Shift 1 | Attempt Quiz |
| 11 November 2018 | Shift 2 | Attempt Quiz |
| 17 November 2018 | Shift 1 | Attempt Quiz |
| 17 November 2018 | Shift 2 | Attempt Quiz |
| 18 November 2018 | Shift 1 | Attempt Quiz |
| 21 October 2023 | Shift 1 / Morning | Attempt Quiz |
| 21 October 2023 | Shift 2 / Evening | Attempt Quiz |
| 22 October 2023 | Shift 1 / Morning | Attempt Quiz |
| 22 October 2023 | Shift 2 / Evening | Attempt Quiz |
SYLLABUS
| HSSC – All Exams Syllabus 2026 | |
| Exam Name | Link |
| HSSC – TGT Arts Syllabus 2026 | Click Here |
FAQs – Haryana GK – Haryana General Awareness
Q. महाभारत में हरियाणा का नाम क्या था ?
Answer: महाभारत में हरियाणा को 'बहुधन्यक' कहा गया है | इसका मतलब है कि यह अनाज और धन से भरी हुई भूमि थी |
Q. भारत में हरियाणा को क्या कहा गया है?
Answer: हरियाणा को कई नामों से जाना जाता है: भारत की रोटी की टोकरी, भारत का धान का कटोरा, हरि की वन भूमि, पृथ्वी पर स्वर्ग, भारत का डेनमार्क इत्यादि |
Q. हरियाणा का मतलब क्या होता है?
Answer: संस्कृत शब्द से हरि + आयन, जहां हरि का अर्थ है भगवान विष्णु और आयन का अर्थ है निवास स्थान | इसलिए हरियाणा को भगवान का निवास स्थान भी कहा जाता था | हरियाणा शब्द का मतलब है, 'ईश्वर का निवास'. हरियाणा शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – हरि (हिंदू भगवान विष्णु) और अयन (घर) |
Q. हरियाणा का प्रादेशिक नाम क्या है?
Answer: ब्रह्मवर्त
Note : हरियाणा (हरियाणा) के नाम की उत्पत्ति के संबंध में विविध व्याख्याएं हैं | हरियाणा एक प्राचीन नाम है | पुरानी समय में इस क्षेत्र को ब्रह्मवर्त, आर्यवर्त और ब्रहमोप्देस के नाम से जाना जाता था | ये नाम हरियाणा की भूमि पर ब्रह्मा-देवता के उद्भव पर आधारित हैं अर्थात आर्यों का निवास और वैदिक संस्कृतियों और अन्य संस्कारों के उपदेशों का घर |Q. जाट गजट अखबार कब शुरू हुआ?
Answer: 1916
Q. हरियाणा में कुल कितने कस्बे हैं?
Answer:154
Q. प्रसिद्ध भारतीय शेफ संजीव कपूर का जन्म हरियाणा किस जिले में हुआ था?
Answer: अंबाला
Q. मोरनी पहाड़ी का उच्चतम बिंदु कहलाता है?
Answer: करोह चोटी
Q. किस खिलाड़ी को नजफगढ़ का नवाब नाम से जाना जाता है ?
Answer: वीरेन्द्र सहवाग
Q. कौन सा त्योहार गुड़गाँव में राजा नाहर सिंह के महल में मनाया जाता है?
Answer: कार्तिक सांस्कृतिक त्योहार
Q. राव तुलाराम का संबंध किस जिले से है?
Answer: रेवाड़ी से
Q. फिरोजशाह तुगलक ने कौन से शहर की स्थापना की थी ?
Answer: हिसार
Q. पूर्वी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती क्षेत्रों से निम्नलिखित में से कौन सी नदी बहती है ?
Answer: यमुना
Q. नूह को हरियाणा के 20वें जिले का दर्जा किस वर्ष मिला?
Answer: 2005
Q. जिम्नास्ट हरियाणा राज्य से संबंधित है?
Answer: निर्मला गुलिया और संध्या
Q. हरियाणा में विशाल हरियाणा दल के संस्थापक कौन है?
Answer: राव वीरेंद्र सिंह
Q. सेंट्रल इंस्ट्रीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन बफेलोज कहा स्थित है?
Answer: हिसार
Q. चर्म रोग उपचार में सहायक गर्म पानी का कुण्ड कहाँ स्थित है?
Answer: सोहना
Haryana GK एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म है जो आपको हरियाणा जनरल अवेयरनेस के बारे में जागरूक करवाता है | इस वेबसाइट पर आप हरियाणा से सम्बन्धित किसी भी एग्जाम की तैयारी कर सकते है |

